हमारी पहचान अपने माता-पिता से होती है और उनके सहारे ही हमलोग बड़े होते हैं तथा समाज और दुनियादारी कैसे निभाई जाती है वो हम अपने माता-पिता के द्वारा ही समझ पाते हैं। माता-पिता अपने बच्चे को एक अच्छा आदमी बनाने के लिए काफी शक्ति लगते है और उसकी हर एक इच्छा को पूरा करने की संभव कोशिश करते हैं। शायद इसी कोशिश में उनकी उम्र गुजर जाती है। माता-पिता की काफी उम्र (बुढ़ापा) हो जाने पर बच्चे उनको सहारा तक भी नहीं देते, उनको अपने घर के एक कोने में जगह दे देते हैं। उनकी आवाज, विचार तथा अधिकार को दबा देते है। और वहीं उनका अंत हो जाता है। उनको अधिकार नही आपका सम्मान चाहिए अगर हमलोग भी बुढ़ापे के सहारे की उम्मीद करते है या सम्मान पाना चाहते है तो हमें इस व्यवहार को समझना होगा तथा अपने परिवारों को समझाना होगा, जो हमारे अच्छे व्यक्तित्व का पहचान है। Wednesday, March 3, 2010
अधिकार नहीं, सम्मान चाहिए
हमारी पहचान अपने माता-पिता से होती है और उनके सहारे ही हमलोग बड़े होते हैं तथा समाज और दुनियादारी कैसे निभाई जाती है वो हम अपने माता-पिता के द्वारा ही समझ पाते हैं। माता-पिता अपने बच्चे को एक अच्छा आदमी बनाने के लिए काफी शक्ति लगते है और उसकी हर एक इच्छा को पूरा करने की संभव कोशिश करते हैं। शायद इसी कोशिश में उनकी उम्र गुजर जाती है। माता-पिता की काफी उम्र (बुढ़ापा) हो जाने पर बच्चे उनको सहारा तक भी नहीं देते, उनको अपने घर के एक कोने में जगह दे देते हैं। उनकी आवाज, विचार तथा अधिकार को दबा देते है। और वहीं उनका अंत हो जाता है। उनको अधिकार नही आपका सम्मान चाहिए अगर हमलोग भी बुढ़ापे के सहारे की उम्मीद करते है या सम्मान पाना चाहते है तो हमें इस व्यवहार को समझना होगा तथा अपने परिवारों को समझाना होगा, जो हमारे अच्छे व्यक्तित्व का पहचान है।
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Shawl se kaam nahin chale ga. Paise be do.
ReplyDeleteElection me jeetna hai na.....